Main Banner Image

सावधानी और अवसर में तालमेल बिठाना : वाणिज्यिक बैंकिंग में एफडीआई पर आरबीआई का नया रुख

पिछले कुछ वर्षों में आरबीआई ने वाणिज्यिक बैंकिंग में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) पर सतर्क रुख से हटकर व्यावहारिक, मामला-दर-मामला उदारीकरण वाला रुख अपनाया है, जिससे ज़्यादा विदेशी हिस्सेदारी की अनु...

  • दृष्टिकोण

शिक्षकों का विकास और स्कूल का प्रदर्शन- अच्छा प्रदर्शन करने वाले स्कूलों से सात सबक

स्कूली शिक्षण प्रक्रिया में शिक्षकों की केन्द्रीय भूमिका का महत्त्व सब जानते हैं, फिर भी गुणवत्तापूर्ण परिणामों की राह में ज़मीनी स्तर पर चुनौतियाँ आती हैं। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के स्कूलों में हुए...

  • फ़ील्ड् नोट

क्या न्यायाधीश अपने जैसे प्रतिवादियों का पक्ष लेते हैं? भारतीय न्यायालयों से साक्ष्य

दुनिया भर में होने वाले शोध अध्ययनों से पता चला है कि सत्ता में विभिन्न पदों पर बैठे लोग उन लोगों को प्राथमिकता देते हैं जिनकी सामाजिक पहचान उनसे मिलती-जुलती होती है। यह जानने के लिए कि क्या भारतीय न्...

  • लेख
इनके द्वारा सूची स्पष्ट करें :
--कृपया चुने--
--कृपया चुने--

जलवायु परिवर्तन : एक उभरते हुए सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट की दस्तक

जलवायु परिवर्तन के अनेक प्रत्यक्ष रूपों में से एक है अत्यधिक बाढ़ का आना। वर्षाकाल में भारत के कई क्षेर्तों में बाढ़ और जलभराव की परिस्थितियाँ उत्पन्न होती रहती हैं। और फिर जलवायु परिवर्तन अब केवल एक पर...

  • लेख

निजी शिक्षा बाज़ार में स्थानीय राजनेताओं का प्रभाव

भारत में स्कूलों की संख्या और छात्र नामांकन- दोनों के सन्दर्भ में निजी स्कूली शिक्षा का तेज़ी से विस्तार हुआ है। इस लेख में 2005-2017 के आँकड़ों का विश्लेषण करने पर, पता चलता है कि सत्तारूढ़ दल से जुड...

  • लेख

सशक्तिकरण : लैंगिक समानता पर सामुदायिक रेडियो का प्रभाव

भारत की सामुदायिक रेडियो नीति, 2006, में शैक्षणिक संस्थानों और गैर-सरकारी संगठनों को स्थानीय स्तर पर निर्मित सामग्री के माध्यम से स्थानीय विकास संबंधी मुद्दों पर ध्यान देने के लिए सामुदायिक रेडियो स्ट...

  • लेख

भारतीय कॉर्पोरेट बॉन्ड बाज़ार में अंतर्निहित सरकारी गारंटी

पिछले एक दशक में भारत के कॉर्पोरेट बॉन्ड बाज़ार में सकल निर्गमों यानी इशुएन्सेज़ का मूल्य 150% बढ़ा है। प्रबंधन सलाहकार एवं आर्थिक शोधकर्ता हर्ष वर्धन का तर्क है कि हालांकि बाज़ार बड़ा हो गया है, इसे औ...

  • दृष्टिकोण

सेवानिवृत्ति के लिए बचत करने में ‘अटल पेंशन योजना’ से कैसे मदद मिल रही है

गत सप्ताह 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस था। इसी सन्दर्भ में प्रस्तुत है यह लेख। भारत सरकार की अंशदायी पेंशन योजना, अटल पेंशन योजना के माध्यम से, नागरिकों को सेवानिवृत्ति के लिए बचत करने हेतु प्रोत्स...

  • लेख

खुशी के बीज : क्या कृषि फोटोवोल्टिक्स किसानों की आय को दोगुना करने का मार्ग प्रशस्त कर सकता है?

हाल के वर्षों में, सकल घरेलू उत्पाद में कृषि और इससे संबद्ध गतिविधियों का योगदान कम हो गया है और किसानों की वास्तविक आय लगभग स्थिर हो गई है। यह लेख दर्शाता है कि कृषि में सौर ऊर्जा को शामिल करने वाले ...

  • दृष्टिकोण

प्रौद्योगिकी में लड़कियाँ : आईआईटी की अतिरिक्त सीट योजना का मूल्यांकन

वर्ष 2018 में शुरू की गई अतिरिक्त सीट योजना (सुपरन्यूमरेरी सीट्स स्कीम) का उद्देश्य परंपरागत रूप से पुरुष-प्रधान रहे आईआईटी संस्थानों के स्नातक इंजीनियरिंग छात्रों में स्त्री-पुरुष अनुपात में सुधार ला...

  • लेख

वित्तीय तनाव के कारण उपभोक्ता का विश्वास कैसे प्रभावित होता है

वर्ष 2008 की वित्तीय उथल-पुथल और उसके बाद आई मंदी ने वित्तीय बाज़ारों की जोखिमों और वास्तविक अर्थव्यवस्था के बीच के संबंधों को और बढ़ा दिया। इस लेख में वित्तीय तनाव के प्रति भारतीय परिवारों की व्यवहारि...

  • लेख

बदलती दुनिया में ‘भविष्य की नौकरियों’ के लिए योजना

जलवायु परिवर्तन, बढ़ता हुआ स्वचालन तंत्र और वैश्विक आर्थिक नीतियों जैसे बाहरी कारक आने वाले वर्षों में भारत के रोज़गार के परिदृश्य को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। गत माह अंतर्राष्ट्री...

  • दृष्टिकोण

निवेश को पुनर्जीवित करने के लिए अगली पीढ़ी के आर्थिक सुधार क्यों महत्वपूर्ण हैं

कॉर्पोरेट जगत की लाभप्रदता और बैंकों की ऋण देने की क्षमता पिछले कुछ समय से बढ़ रही है, फिर भी कॉर्पोरेट निवेश सुस्त बना हुआ है। गुप्ता और सचदेवा इस लेख में तर्क देते हैं कि भविष्य की मांग में वृद्धि के...

  • लेख

ग्रामीण भारत में युवाओं की डिजिटल तैयारी

भारत में तेज़ी से तकनीकी परिवर्तन हो रहा है, ऐसे में डिजिटल साक्षरता युवाओं की भविष्य की शैक्षिक, आर्थिक और सामाजिक अवसरों की तैयारियों का एक प्रमुख चालक बन गई है। कुमार और भुतडा ने इस लेख में, वार्षिक...

  • फ़ील्ड् नोट

स्वच्छ ईंधन में बदलाव हेतु महिलाओं के समय का मूल्य (महत्त्व) बढ़ाना

ग्रामीण भारत में अधिकांश महिलाएँ पारंपरिक ईंधन का उपयोग जारी रखती हैं, जिसके चलते घरेलू कामों में उनका अधिक समय व्यतीत होता है। फरज़ाना अफरीदी ने इस लेख में मध्य प्रदेश में हुए एक सर्वेक्षण के परिणामों...

  • लेख