सावधानी और अवसर में तालमेल बिठाना : वाणिज्यिक बैंकिंग में एफडीआई पर आरबीआई का नया रुख
पिछले कुछ वर्षों में आरबीआई ने वाणिज्यिक बैंकिंग में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) पर सतर्क रुख से हटकर व्यावहारिक, मामला-दर-मामला उदारीकरण वाला रुख अपनाया है, जिससे ज़्यादा विदेशी हिस्सेदारी की अनु...
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Sunil Mani
25 नवंबर, 2025
- दृष्टिकोण
शिक्षकों का विकास और स्कूल का प्रदर्शन- अच्छा प्रदर्शन करने वाले स्कूलों से सात सबक
स्कूली शिक्षण प्रक्रिया में शिक्षकों की केन्द्रीय भूमिका का महत्त्व सब जानते हैं, फिर भी गुणवत्तापूर्ण परिणामों की राह में ज़मीनी स्तर पर चुनौतियाँ आती हैं। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के स्कूलों में हुए...
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Amarjeet Sinha
21 नवंबर, 2025
- फ़ील्ड् नोट
क्या न्यायाधीश अपने जैसे प्रतिवादियों का पक्ष लेते हैं? भारतीय न्यायालयों से साक्ष्य
दुनिया भर में होने वाले शोध अध्ययनों से पता चला है कि सत्ता में विभिन्न पदों पर बैठे लोग उन लोगों को प्राथमिकता देते हैं जिनकी सामाजिक पहचान उनसे मिलती-जुलती होती है। यह जानने के लिए कि क्या भारतीय न्...
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Elliot Ash
Samuel Asher
Aditi Bhowmick
Sandeep Bhupatiraju
Christoph Goessmann
Daniel Li Chen
Paul Novosad
13 नवंबर, 2025
- लेख
श्रम बाज़ार में महिलाओं के खिलाफ पितृसत्तात्मक भेदभाव
कई कम आय वाले देशों में महिलाएं अक्सर श्रम बाज़ार से बाहर रह जाती हैं। इस लेख में पितृसत्तात्मक भेदभाव के रूप में एक नई व्याख्या प्रस्तुत की गई है- महिलाओं को खतरनाक या अप्रिय कार्यों से बचाने के लिए प...
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Nina Buchmann
Carl Meyer
Colin D. Sullivan
28 अगस्त, 2024
- लेख
सुंदरबन में मानव-वन्यजीव संघर्ष का प्रबंधन
बाघों के लिए विशिष्ट रूप से अनुकूलित घर होने के साथ-साथ, सुंदरबन इस क्षेत्र में मानव आबादी के लिए आजीविका का एक स्रोत भी है। डांडा और मुखोपाध्याय इस लेख में मानव-वन्यजीव संघर्ष के स्वरूप और जलवायु परि...
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Anamitra Anurag Danda
Bappaditya Mukhopadhyay
22 अगस्त, 2024
- लेख
भूमि संबंधी ऐतिहासिक नीतियाँ और सामाजिक-आर्थिक विकास : उत्तर प्रदेश का मामला
उत्तर प्रदेश में विकासात्मक परिणामों में महत्वपूर्ण अंतर-राज्यीय भिन्नता पाई जाती है और शोध से पता चलता है कि ऐसा आंशिक रूप से, राज्य के भीतर औपनिवेशिक भूमि संबंधी नीतियों में अंतर के दीर्घकालिक प्रभा...
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Kartikeya Batra
20 अगस्त, 2024
- लेख
बदलती जलवायु में बाघों का संरक्षण
बाघ वन साम्राज्य के सबसे राजसी जीवों में से एक हैं। सफ़ेद बाघ और रॉयल बंगाल टाइगर से लेकर साइबेरियन बाघ तक, इन की कई प्रजातियाँ हैं और इनमें से प्रत्येक अपने निवास स्थान पर गर्व से राज करती है। जलवायु...
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Anamitra Anurag Danda
13 अगस्त, 2024
- दृष्टिकोण
मध्य भारत के आदिवासी समुदाय : चुनौतियाँ और आगे की राह
‘आदिवासी आजीविका की स्थिति’ रिपोर्ट ने एक बार फिर मध्य भारत में जनजातियों की भयावह स्थिति की ओर ध्यान आकर्षित किया है। विश्व के मूल व आदिवासी लोगों के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उनकी रक्षा क...
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Dibyendu Chaudhuri
Parijat Ghosh
09 अगस्त, 2024
- फ़ील्ड् नोट
शिक्षकों का विश्वास कैसे प्रेरणा और छात्रों के सीखने को आकार दे सकता है
शिक्षक का प्रयास छात्रों के सीखने के लिए महत्वपूर्ण है, जबकि साक्ष्य दर्शाते हैं कि शिक्षक स्वयं ऐसा नहीं मानते हैं। इस लेख में शिक्षकों पर लक्षित मनो-सामाजिक हस्तक्षेप से जुड़े एक यादृच्छिक प्रयोग से...
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Jalnidh Kaur
01 अगस्त, 2024
- लेख
पंजाब का आर्थिक विकास : सम्भावनाएँ और नीतियाँ
वर्ष 2000 तक उत्तर भारतीय राज्य पंजाब देश में प्रति-व्यक्ति आय रैंकिंग में शीर्ष पर था, उसके बाद से इसकी स्थिति लगातार गिरती गई है। इस लेख में लखविंदर सिंह, निर्विकार सिंह और प्रकाश सिंह ने पंजाब की अ...
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Lakhwinder Singh
Nirvikar Singh
Prakarsh Singh
30 जुलाई, 2024
- दृष्टिकोण
बदलते समाज में सामाजिक सुरक्षा जाल पर पुनर्विचार करना
इस लेख के सह-लेखक देबाशीष बारिक, पल्लवी चौधरी, बिजय चौहान, ओम प्रकाश शर्मा, दिनेश कुमार तिवारी (एनसीएईआर) और शरण शर्मा (मैरीलैंड कॉलेज पार्क विश्वविद्यालय और एनसीएईआर) हैं। ऐतिहासिक रूप से सामाजिक सु...
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Sonalde Desai
25 जुलाई, 2024
- लेख
भारत के विदेशी मुद्रा भंडार और वैश्विक जोखिम
जीडीपी की तुलना में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि हुई है। इस लेख में, केन्द्रीय बैंकों द्वारा भंडार जमा करने के पीछे के उद्देश्यों की जाँच की गई है और यह भी देखा गया है कि क्या अत्यधिक पूंजी...
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Chetan Ghate
Kenneth Kletzer
Mahima Yadav
23 जुलाई, 2024
- लेख
आईडियाज़@आईपीएफ2024 श्रृंखला : एनसीएईआर के भारत नीति मंच से शोध
नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च हर साल भारत नीति मंच, इंडिया पॉलिसी फोरम (आईपीएफ) की मेज़बानी करता है। यह एक ऐसा मंच है जहाँ अर्थशास्त्री और नीति-निर्माता सार्वजनिक नीति के लिए उनकी प्रासंगिकत...
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Pradip Kumar Bagchi
18 जुलाई, 2024
- विचार-गोष्ठी
कॉर्पोरेट भारत में महिलाओं का नेतृत्व- फर्मों का प्रदर्शन और संस्कृति
कम्पनी अधिनियम 2013 के तहत, भारत में सभी सूचीबद्ध फर्मों को अपने बोर्ड में कम से कम एक महिला को रखना आवश्यक है। इस लेख में पाया गया है कि बोर्ड में कम से कम एक के महिला होने से बड़ी और मध्यम आकार की फ...
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Ratna Sahay
Navya Srivastava
Mahima Vasishth
18 जुलाई, 2024
- लेख
भारत के तेल निर्यात में बदलते रुझान और पैटर्न के निहितार्थ
शर्मिला कांता इस बात की चर्चा करती हैं कि भारत के तेल और गैस उत्पादन में गिरावट की प्रवृत्ति और वैश्विक माँग में उतार-चढ़ाव को देखते हुए, विशेष रूप से भारत के निर्यात में पेट्रोलियम उत्पादों की उच्च ह...
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Sharmila Kantha
11 जुलाई, 2024
- दृष्टिकोण




05 दिसंबर, 2025